किसान आंदोलन: गाजीपुर और सिंघु बॉर्डर पर रोकी गईं इंटरनेट सेवाएं
Kisan agitation: Internet services stopped at Ghazipur and Singhu borde

किसान आंदोलन: गाजीपुर और सिंघु बॉर्डर पर रोकी गईं इंटरनेट सेवाएं

गाजियाबाद: केंद्र सरकार द्वारा लागू कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का आंदोलन शनिवार को भी जारी है। दो महीने से चले आ रहे आंदोलन में वीरवार की घटना ने नई जान डाल दी है। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की भावुक अपील के बाद किसानों का गाजीपुर बॉर्डर पर पहुंचने का सिलसिला शनिवार के दिन भी जारी है। बीते 36 घंटों में आंदोलन स्थल का दायरा करीब चार गुना बढ़ गया है और किसानों की संख्या बढ़कर आठ से दस हजार तक पहुंच गई है। आंदोलनकारी किसान आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उपवास रख रहे हैं। 26 जनवरी की हिंसा से दुखी किसान राष्ट्रपिता की पुण्यतिथि को सद्भावना दिवस के रूप में मना रहे हैं।

किसान एकता मोर्चा के नेताओं ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि आप हमारे अनशन में शामिल हों और समर्थन करें। 30 जनवरी को ‘सद्भावना दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा, हमारे सभी नेता सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक उपवास रखेंगे। गाजीपुर में अभी भी सैकड़ों किसान जमे हुए हैं। यहां पर किसानों का प्रदर्शन लगातार जारी है। गाजीपुर बॉर्डर से पहले सिंघु बॉर्डर पर इंटरनेट सेवा रोकी गई थी। जिसके बाद आज किसान नेता दर्शनपाल सिंह ने सिंघु बॉर्डर पर इंटरनेट सेवा बहाल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि हमारी बातें लोगों तक नहीं पहुंच सके इसके लिए इंटरनेट बंद की गई है। दर्शन पाल सिंह ने कहा है कि अगर सरकार ने इंटरनेट सेवा नहीं शुरू की तो किसान इसके खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।