आम बजटः सीनियर सिटीजन की पेंशन पर आयकर रिटर्न माफ, जानें क्या हुआ सस्ता क्या महंगा?
General Budget: Income tax return on senior citizen's pension waived, know what is cheap and expensive?

आम बजटः सीनियर सिटीजन की पेंशन पर आयकर रिटर्न माफ, जानें क्या हुआ सस्ता क्या महंगा?

नई दिल्लीः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को लोकसभा में आम बजट को पेश किया। मोदी सरकार की ओर से इस बार स्वास्थ्य क्षेत्र पर फोकस किया गया, लेकिन करदाताओं के हाथ में मायूसी लगी है। टैक्स स्लैब में किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ है, बजट में निर्मला सीतारमण की ओर से क्या ऐलान किए गए है, पढ़ें पूरी जानकारी

सोना चांदी सस्ता होगा, विदेशे से आने वाले ऑटो पार्ट महंगे होंगे, विदेशी मोबाइल और चार्जर महंगे होंगे, तांबे के सामान भी सस्ते होंगे, लोहे और स्टील के सामान सस्ते होंगे, होमलोन पर पुरानी छूट 2022 तक लागू रहेगी, स्टार्टअप के लिए छूट 2022 तक लागू रहेंगी। अगली जनगणना डिजिटल होगी, अफोर्डेबल हाउसिंग स्कीम 1 साल के लिए और बढ़ी, 6 साल में आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या दोगुनी हुई, वित्त मंत्री 2020 में आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या 6.84 करोड़ हो गई, 2014 में 3.31 करोड़ थी, सीनियर सिटीजन के लिए टैक्स में राहत, 75 साल से ऊपर सिटीजन आयकर नहीं भरेंगे।

]75 साल से अधिक के बुजुर्गों को पेंशन पर इनकम टैक्स से छूट, बुजुर्गों को पेंशन पर इनकम टैक्स से छूट, राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन शुरू होगा, 2023—24 तक राजकोषीय घाटा 3 प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य, इमरजेंसी फंड 30000 करोड़ किया गया है, दिसंबर 2021 में मानव रहित गगनयान रवाना होगा, राजको​षीय घाटा 6.8 फीसदी होने का अनुमान, 22 और फसलों को निर्यात कर सकेंगे किसान।

 असम बंगाल में महिलाओं और बच्चों के लिए फंड, 1000 ई मंडियां खोली जाएंगी, चाय श्रमिकों के लिए 1000 करोड़ रुपये, पोस्ट मेट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम, इसके तहत 35219 करोड़ रुपए 6 वर्षों में खर्च होंगे,डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए 1500 करोड़ रुपये, 750 एकलव्य मॉडल स्कूल खोले जाएंगे, पीपीपी मॉडल पर खुलेंगे सैनिक स्कूल, 15000 सरकारी स्कूलों का स्तर सुधरेगा,100 नए सैनिक स्कूल खुलेंगे, सभी मजदूरों को ईएसआई के दायरे में लाया जाएगा, 32 राज्यों में वन नेशन वन कार्ड योजना लागू।

धान खरीदारी पर 2013-14 में 63 हजार करोड़ रुपए खर्च हुए। इस बार यह बढ़कर 1 लाख 45 हजार करोड़ रुपए हो चुका है, गेहूं किसानों को एमएसपी के रूप में 75100 करोड़ रुपये दिए गए, एमएसपी सिस्टम में होगा बड़ा बदलाव, लागत का डेढ़ गुना ज्यादा एमएसपी देंगे, किसानों के ​वेलफेयर के लिए प्रतिबद्ध, विनिवेश से सरकार को 1.75 लाख करोड़ मिलेंगे।