अब पुराने वाहनों को चलाना पड़ेगा महंगा, देना होगा 62 गुना अधिक शुल्क, नई स्क्रैपिंग के तहत सरकार ने लिया फैसला
Now old vehicles will have to be expensive, 62 times more duty will have to be paid, the government has decided under new scraping

अब पुराने वाहनों को चलाना पड़ेगा महंगा, देना होगा 62 गुना अधिक शुल्क, नई स्क्रैपिंग के तहत सरकार ने लिया फैसला

नई दिल्‍लीः देश में पुराने वालों को चलाना अब महंगा पड़ेगा। पिछले दिनों वित्‍त मंत्री निर्मता सीतारमण ने सोमवार को बजट भाषण में 20 साल पुराने निजी वाहनों और 15 साल पुराने वाणिज्यिक वाहनों के लिए स्‍वैच्छिक स्‍क्रैपिंग पॉलिसी लाने की घोषणा की है। सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि जल्‍द ही इस पॉलिसी के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। देश में स्‍वैच्छिक स्‍क्रैपिंग पॉलिसी लागू होने के बाद 15 साल पुराना वाहन चलाना काफी महंगा पड़ेगा।

एक रिपोर्ट के मुताबिक स्‍वैच्छिक स्‍क्रैपिंग पॉलिसी लागू होने के बाद 15 साल पुराने कमर्शियल वाहनों के लिए फ‍िटनेस सर्टिफ‍िकेट की लागत मौजूदा स्‍तर से 62 गुना अधिक होगी। इसी प्रकार प्राइवेट वाहन का रजिस्‍ट्रेशन रिन्‍यू करवाने के लिए 8 गुना अधिक शुल्‍क चुकाना होगा। इसके अलावा प्रत्‍येक राज्‍य सरकार ऐसे वाहनों के लिए रोड टैक्‍स के अलावा एक ग्रीन टैक्‍स भी लगाएंगी, जिसका भुगतान प्रत्‍येक वाहन मालिक को करना होगा।

सड़क परिवहन मंत्रालय अगले दो हफ्तों में व्‍हीकल स्‍क्रैपिंग पॉलिसी की घोषणा करेगा। सूत्रों ने बताया कि 15 साल से अधिक पुराने कमर्शियल वाहनों के फ‍िटनेस सर्टिफ‍िकेट के लिए शुल्‍क को मौजूदा 200 रुपये से बढ़ाकर कैब के लिए लगभग 7500 रुपये और ट्रक के लिए 12,500 रुपये तक किया जाएगा। मोटर वाहन अधिनियम के तहत 8 साल से अधिक पुराने वाहनों के लिए फ‍िटनेस सर्टिफ‍िकेट को हर साल रिन्‍यू कराना अनिवार्य है।