कनाडा के प्रधानमंत्री के बयानों पर केंद्र ने जताया कड़ा विरोध,  बोले संबंध हो सकते हैं खराब

कनाडा के प्रधानमंत्री के बयानों पर केंद्र ने जताया कड़ा विरोध, बोले संबंध हो सकते हैं खराब

नई दिल्ली:  केंद्र द्वारा लागू कृषि कानूनों के खिलाफ यहां किसान लगातार प्रदर्शन धरना प्रदर्शन कर रहे हैं,  वहीं विदेशों में भी कृषि कानूनों को लेकर केंद्र सरकार की निंदा हो रही है इसी के तहत विगत दिवस कनाडा के प्रधानमंत्री की ओर से जारी बयान का केंद्र सरकार ने कड़ा विरोध जताया है|

केंद्र सरकार ने राज्यसभा में बताया है कि कनाडा के प्रधानमंत्री की ओर से बीते दिनों कृषि कानूनों के खिलाफ दिए गए बयान पर कड़ा विरोध जताया गया है। वहां की सरकार को यह भी बताया गया कि इससे भारत और कनाडा के संबंधों को नुकसान पहुंच सकता है। विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन ने एक आतारांकित सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी है।

दरअसल, शिवसेना के सांसद अनिल देसाई ने पूछा था, क्या सरकार को कनाडा के प्रधानमंत्री द्वारा भारतीय संसद से पारित कृषि विधेयकों के विरुद्ध टिप्पणी करते हुए भारत के आंतरिक मामलों के हस्तक्षेप किए जाने की जानकारी है? क्या सरकार इसे अनुचित और अनावश्यक मानती है? यदि हां, तो क्या कनाडा के साथ इस संबंध में कोई विरोध दर्ज किया गया है और कनाडा के प्राधिकारियों ने इस पर प्रतिक्रिया दी गई है।

इस सवाल का जवाब देते हुए विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने बताया, कनाडा के प्रधानमंत्री के कृषि कानूनों के विषय में की गई टिप्पणी की जानकारी है। हमने इस घटना को ओटावा और नई दिल्ली दोनों स्थानों पर कनाडा के सक्षम प्राधिकारियों के साथ उठाया है और उन्हें बताया है कि भारत के आंतरिक मामलों से संबंधित टिप्पणियां अनुचित और अस्वीकार्य हैं और इनसे भारत-कनाडा द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंचेगा।