सुप्रीमकोर्ट ने लगाई युद्धपोत आईएनएस विराट को तोड़ने पर रोक, 2017 में हुआ था सेवामुक्त
Supreme Court prohibits breaking of warship INS Viraat, served in 2017

सुप्रीमकोर्ट ने लगाई युद्धपोत आईएनएस विराट को तोड़ने पर रोक, 2017 में हुआ था सेवामुक्त

नई दिल्ली: भारतीय नोसेना का गौरव रहे आईएनएस विराट को तोड़ने पर सुप्रीमकोर्ट ने रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट ने एक याचिकाकर्ता द्वारा लगाई याचिका की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह रोक लगाई है। दरअसल विमानवाहक युद्धपोत विराट को विखंडित करने की प्रकिया जारी है। भावनगर जिले के अलंग में विराट को तोड़ा जा रहा है। विराट को नीलामी में श्री राम समूह के प्रमुख मुकेश पटेल ने 38.4 करोड़ रुपये में खरीदा था।

जिक्रयोग्य है कि 2017 में आईएनएस विराट को सेवामुक्त कर दिया गया था। विश्व में सर्वाधिक समय तक सेवा देने वाले इस युद्धपोत को भारतीय नौसेना ने चार साल पहले सेवामुक्त कर दिया था। पोत को 300 प्रशिक्षित कर्मियों की सहायता से तोड़ा जा रहा था।

विराट सितंबर में मुंबई से अलंग पहुंचा था। भारतीय नौसेना में 29 वर्षों तक सेवा देने के बाद विमानवाहक युद्धपोत को मार्च 2017 में सेवामुक्त कर दिया गया था। इसे समुद्री धरोहर संग्रहालय का रूप देने के लिए सोशल मीडिया पर अभियान चलाया गया था लेकिन उससे कोई लाभ नहीं हुआ।