टिकरी बॉर्डर पर 64 वर्षीय किसान की हार्ट अटैक से मौत, अब तक 35 ने गंवाई जान
64-year-old farmer dies of heart attack on ticking border, 35 lost their lives so far

टिकरी बॉर्डर पर 64 वर्षीय किसान की हार्ट अटैक से मौत, अब तक 35 ने गंवाई जान

नई दिल्लीः कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन में मौतों की सिलसिला भी रूकने का नाम नहीं ले रहा है। टिकरी बॉर्डर पर मंगलवार देर शाम एक और किसान की ह्रदय गति रूकने के कारण मौत हो गई। मृतक किसान की पहचान 64 वर्षीय शमशेर सिंह के रूप में हुई है। शमशेर सिंह पंजाब के लुधियाना जिले का रहने वाला था। टिकरी बॉर्डर पर मामा चौक के पास मृतक किसान की ट्रॉली है। यही रह कर शमशेर किसान आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। बता दें कि किसान आंदोलन के दौरान अब तक 35 से ज्यादा किसानों की टिकरी बॉर्डर पर मौत हो चुकी है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए बहादुरगढ़ के नागरिक हॉस्पिटल में भिजवाया गया है। साथ ही उसके परिजनों को भी घटना से अवगत करवाया गया है। परिजनों के पहुंचने के बाद बुधवार को पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी।

इससे कुछ दिन पहले दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन से लौटे ब्लाक ममदोट के गांव लक्खा सिंह वाला उताड़ के किसान सुखदेव सिंह ने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। सुखदेव की पत्नी कश्मीर कौर ने बताया था कि उनके पति एक सप्ताह पहले गांव के जत्थे के साथ ट्राली से दिल्ली संघर्ष में गए थे। दिल्ली से लौटने के बाद वह काफी परेशान थे। मंगलवार दोपहर को वह खेत में गए और वहां फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। सुखदेव की दो बेटियां निरंजन कौर व पूनम रानी और दो बेटे सर्बजीत सिंह एवं संदीप सिंह हैं।