महाशिवरात्रि को लेकर सजे शिवालय, भगवान भोलेनाथ के जयकारों से गूंजा जांलधर
Shivalaya adorned on Mahashivaratri, jaladhar echoed with shouts of Lord Bholenath

महाशिवरात्रि को लेकर सजे शिवालय, भगवान भोलेनाथ के जयकारों से गूंजा जांलधर

जालंधरः आज पूरे देश भर में महाशिवरात्रि का त्योहार धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। महाशिवरात्रि को लेकर पंजाब के मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ लगी हुई है। सुबह से ही मंदिरों में भक्त भगवान शिव की पूजा कर रहे हैं और बम-बम भोलेनाथ के जयकारों से सभी मंदिरों में भक्तों की लंबी लाइनें लगी हुई है। इस दौरान श्रद्धालुओं ने बेलपत्र, भांग धतूरा फल फूल तथा पूजा सामग्री के साथ भगवान शिव की आराधना की।

इस बार कोरोना महामारी को लेकर कई मंदिर कमेटी गाने कमेटियों ने अपने स्तर पर सेवादार तैनात कर श्रद्धालुओं को नियमों की पालना करने का आह्वान भी किया। वहीं श्री देवी तालाब मंदिर टांडा रोड तथा श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर मॉडल हाउस में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर डॉग स्क्वायड के साथ जांच की तथा शिव भक्तों को सरकारी निर्देशों की पालना करने का आह्वान किया।

जालंधर के मखदूमपुरा में शिवबाड़ी मंदिर में महाशिवरात्रि के मौके पर काफ़ी रौनक देखने को मिलीं। भक्त जयकारे लगाते हुए शिव भोलेनाथ की पूजा कर रहे हैं। इस के साथ ही अलग-अलग स्थानों पर लंगर भी लगाए गए हैं। बता दें कि महाशिवरात्रि पर भगवान शिव का जलाभिषेक करने और उनकी विधि-विधान से पूजा करने पर सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। इस दिन व्रत रखने और शिव पूजा करने से शिव वरदान की प्राप्ति होती है।

शास्त्रों के अनुसार महाशिवरात्रि को भगवान शिव का देवी पार्वती के साथ विवाह हुआ था। दोनों का विवाह महाशिवरात्रि के प्रदोश काल में हुआ था। सूरज डूबने के बाद 2 घंटे और 24 मिनट की मियाद प्रदोश काल कहलवाती है। मान्यता है कि इस समय पर भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होकर नृत्य करते हैं। इसलिए महाशिवरात्रि पर प्रदोश काल में महादेव की पूजा करना विशेष फलदायी होता है।