टाटा संस ने सुप्रीम कोर्ट में जीती कानूनी लड़ाई, सायरस मिस्त्री को झटका
Tata Sons wins legal battle in Supreme Court, shock Cyrus Mistry

टाटा संस ने सुप्रीम कोर्ट में जीती कानूनी लड़ाई, सायरस मिस्त्री को झटका

नई दिल्‍लीः टाटा संस और साइरस मिस्त्री को चेयरमैन पद से हटाए जाने के बाद मिस्‍त्री और टाटा संस के बीच शुरू हुई लड़ाई का आज सुप्रीम कोर्ट में अंत हो गया। सुप्रीम कोर्ट ने टाटा संस के हक में फैसला सुनाया। इस तरह 100 अरब डॉलर वालू इस समूह ने सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई जीत ली है। साइरस मिस्‍त्री ने टाटा संस के पद से अचानक हटाए जाने के खिलाफ कानूनी लड़ाई का सहारा लिया था।

भारत के मुख्‍य न्‍यायाधीश एसए बोबडे की अध्‍यक्षता वाली तीन सदस्‍यीय पीठ ने एनसीएलएटी के आदेश को रद्द करते हुए टाटा ग्रुप की सभी याचिकाओं को स्‍वीकार्य किया और मिस्‍त्री ग्रुप की सभी याचिकाओं को रद्द कर दिया। मिस्‍त्री ने टाटा संस के प्रबंधन में अनियमितताओं का आरोप लगाया था। उल्‍लेखनीय है कि टाटा संस में मिस्‍त्री परिवार सबसे बड़ा शेयरधारक है। इसके पास 18.47 प्रतिशत हिस्‍सेदारी है। मिस्‍त्री परिवार ने टाटा संस से अपने रिश्‍ते खत्‍म करने के लिए अपनी हिस्‍सेदारी बेचने की भी योजना बनाई है।

टाटा संस के मानद चेयरमैन रतन टाटा ने ट्विट कर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सराहना की है। उन्‍होंने लिखा है कि मैं माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनाए गए फैसले की सराहना करता हूं और धन्‍यवाद देता हूं।यह जीत या हार का मुद्दा नहीं है। मेरे स्‍वाभिमान और समूह के नैतिक आचरण पर लगातार हो रहे हमले के बाद, इस फैसले ने टाटा संस के मूल्‍यों और आचरण को प्रमाणित करने का काम किया है, जो समूह के लिए मूल सिद्धांत हैं। इस फैसले ने हमारी न्‍यायाप्रणाली में निष्‍पक्षता और न्‍याय को मजबूती प्रदान की है।