नक्सलियों ने जारी की अगवा कमांडो राकेश्वर सिंह की तस्वीर, रिहाई के लिए सड़क पर बैठा परिवार
Naxalites released photo of abducted commando Rakeshwar Singh, family sitting on the road for release

नक्सलियों ने जारी की अगवा कमांडो राकेश्वर सिंह की तस्वीर, रिहाई के लिए सड़क पर बैठा परिवार

नई दिल्लीः 3 अप्रैल को नक्सलियों से मुठभेड़ के दौरान नकसलियों द्वारा अगवा किए गए सीआरपीएफ के कोबरा कमांडो की तस्वीर जारी करते हुए एक संदेश भेजा है कि कमांडो पूरी तरह से सुरक्षित है। तस्वीर में देखा जा सकता है कि कमांडो राकेश्वर सिंह मिन्हास एक झोंपड़ी में बैठे दिखाई दे रहे हैं। इस तस्वीर में राकेश्वर सिंह पूरी तरह से स्वस्थ दिख रहे हैं। नक्सलियों ने कुछ ही समय पहले यह तस्वीर जारी की है। जिक्रयोग्य है कि नक्सलियों ने हमला करके सीआरपीएफ के 22 जवानों को शहीद कर दिया था, वहीं मिनहास को अगवा करके ले गए थे।

आज राकेश्वर सिंह की रिहाई के लिए सीआरपीएफ के जवान राकेश्वर सिंह का मन्हास के परिवार द्वारा जम्मू में भी प्रदर्शन किया गया। उनका पूरा परिवार बड़ी संख्या में युवाओं के साथ जम्मू-अखनूर हाईवे पर बैठ गया। आपको बता दें कि कल जारी बयान में छत्तीसगढ़ में माओवादियों ने कहा है कि शनिवार को सुकमा और बीजापुर के सीमावर्ती क्षेत्र में मुठभेड़ के बाद से लापता सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन का एक जवान उनके कब्जे में है और उन्होंने जवान की रिहाई के लिए सरकार से मध्यस्थ नियुक्त करने की मांग की है।

माओवादियों ने स्वीकार किया है कि इस मुठभेड़ में उनके चार साथी भी मारे गए हैं। माओवादियों ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि तीन अप्रैल को सुरक्षा बल के दो हजार जवान हमला करने जीरागुडेम गांव के पास पहुंचे थे, इसे रोकने के लिए पीएलजीए ने हमला किया है। माओवादियों ने बयान में कहा है कि एक जवान को बंदी बनाया गया है। उन्होंने कहा है कि सरकार पहले मध्यस्थों के नाम की घोषणा करे इसके बाद बंदी जवान को सौंप दिया जाएगा, तब तक वह जनताना सरकार की सुरक्षा में रहेगा।