पंजाब को 21 साल बाद मिला ओलंपिक में हॉकी टीम की कमान संभालने का मौका, जालंधर का मनप्रीत बना कप्तान
Punjab got a chance to lead the hockey team in Olympics after 21 years, Jalandhar's Manpreet became the captain

पंजाब को 21 साल बाद मिला ओलंपिक में हॉकी टीम की कमान संभालने का मौका, जालंधर का मनप्रीत बना कप्तान

जालंधरः ओलंपिक में पदकों का स्वर्णिम इतिहास संजोए भारतीय हॉकी टीम एक बार फिर जुलाई में टोक्यो में होने वाले खेलों के महाकुंभ में पदक के लिए मैदान पर उतरेगी। गर्व की बात यह है कि हॉकी टीम की कमान एक बार फिर पंजाबी खिलाड़ी को दी गई है। जालंधर के मिट्ठापुर के रहने वाले मनप्रीत सिंह ऐसे 8वें पंजाबी कप्तान होंगे जोकि ओलंपिक में भारतीय हॉकी का प्रतिनिधित्व करेंगे। हालांकि हाकी टीम में लंबे समय तक पंजाबी खिलाड़ियों का दबदबा रहा है।

अब लगभग 21 वर्ष बाद पंजाब के लिए गौरव का यह क्षण आया है। जब जालंधर के मनप्रीत सिंह इस बार टीम का नेतृत्व करेंगे। इससे पूर्व वर्ष 2000 के सिडनी ओलंपिक में पंजाब के रमनदीप सिंह ग्रेवाल ने टीम की कमान संभाली थी। इस बार दो उपकप्तान चुने गए हैं, जिनमें से एक अमृतसर के हरमनप्रीत सिंह हैं। हरमनप्रीत ने 2019 में मनप्रीत की गैर-मौजूदगी में टोक्यो में ओलंपिक टैस्ट टूर्नामैंट में भारत की कप्तानी की थी। भारतीय टीम ओलंपिक के पहले मौच में 24 जुलाई को न्यूजीलैड से खेलेगी।.

जालंधर के लिए भी यह गौरवशाली क्षण है, खासकर मिट्ठापुर गांव के लिए। मनप्रीत इसी गांव के रहने वाले हैं और 25 वर्ष पूर्व 1996 में अटलांटा ओलंपिक में इसी गांव के दिग्गज खिलाड़ी परगट सिंह ने भारतीय हॉकी टीम की कमान संभाली थी। परगट 1992 के बार्सिलोना ओलंपिक में भी टीम के कप्तान थे।

पिछले कुछ वर्षो से पंजाब के खिलाडि़यों ने अपने प्रदर्शन से फिर उम्मीदें जगाई हैं। यही कारण है कि कई साल के बाद इस बार चुनी गई 16 सदस्यीय हॉकी टीम में आधे खिलाड़ी मनप्रीत सिंह, मनदीप सिंह, हार्दिक, हरमनप्रीत सिंह, शमशेर सिंह, दिलप्रीत सिंह, गुरजंट सिंह व रुपिंदरपाल सिंह पंजाब से चुने गए हैं।